अब सर्दियों में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियों की तारीखें आईं सामने, पेरेंट्स ध्यान दें :December School Holiday

Published On: December 21, 2025
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December School Holiday

December School Holiday: देश के कई हिस्सों में ठंड ने धीरे-धीरे अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, वैसे-वैसे स्कूल और कॉलेज की सर्दियों की छुट्टियों को लेकर छात्रों और अभिभावकों की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी लोग जानना चाहते हैं कि विंटर वेकेशन कब से शुरू होगी और बच्चों को कितने दिनों का अवकाश मिलेगा। आमतौर पर सरकार और स्थानीय प्रशासन मौसम की स्थिति को देखते हुए छुट्टियों पर फैसला लेते हैं, ताकि बच्चों की सेहत और सुरक्षा बनी रहे।

स्कूल और कॉलेज की छुट्टियों का फैसला कौन करता है

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि आखिर छुट्टी घोषित कौन करता है। दरअसल, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के लिए यह निर्णय राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन मिलकर लेते हैं। कई बार अत्यधिक ठंड, कोहरा या मौसम की आपात स्थिति में जिला कलेक्टर या डीएम की ओर से तुरंत आदेश जारी कर दिए जाते हैं। (December School Holiday) वहीं, निजी स्कूलों को भी सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होता है, हालांकि वे अपने स्तर पर समय या अवकाश में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं। इसी वजह से अलग-अलग जिलों और राज्यों में छुट्टियों की तारीखें अलग हो सकती हैं।

उत्तर भारत में सर्दी और लंबी छुट्टियों की संभावना

उत्तर भारत में सर्दियों का असर हर साल ज्यादा देखने को मिलता है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में दिसंबर के आखिर से जनवरी तक ठंड अपने चरम पर होती है। कई इलाकों में घना कोहरा भी छा जाता है, जिससे सुबह के समय स्कूल आना-जाना मुश्किल हो जाता है। छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इन्हीं कारणों से उत्तर भारत में स्कूल और कॉलेज की सर्दियों की छुट्टियां आमतौर पर लंबी रखी जाती हैं।

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उत्तर प्रदेश के जिलों में छुट्टियों की स्थिति

उत्तर प्रदेश में इस बार भी दिसंबर के अंत तक ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत कई जिलों में मौसम को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद करने पर विचार किया जा सकता है। पिछले वर्षों को देखें तो यूपी में विंटर वेकेशन लगभग 15 से 20 दिनों की रहती है। हालांकि, अंतिम फैसला हमेशा जिला प्रशासन मौसम की गंभीरता को देखकर ही करता है।

दिल्ली-एनसीआर में स्कूल बंद होने की संभावना

दिल्ली और आसपास के इलाकों में सर्दियों के साथ-साथ प्रदूषण भी बड़ी चुनौती बन जाता है। कई बार खराब एयर क्वालिटी के कारण भी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ता है। आमतौर पर दिसंबर और जनवरी के बीच दिल्ली के स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां तय मानी जाती हैं। अगर ठंड ज्यादा बढ़ जाती है, तो अवकाश की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है। पेरेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे केवल स्कूल द्वारा जारी नोटिस पर ही भरोसा करें।

दक्षिण भारत में छुट्टियों का अलग ट्रेंड/ December School Holiday

दक्षिण भारत के राज्यों में सर्दी उतनी तीव्र नहीं होती, जितनी उत्तर भारत में होती है। कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में मौसम सामान्य रहता है। इस वजह से यहां सर्दियों की छुट्टियां या तो बहुत कम होती हैं या कई बार बिल्कुल नहीं दी जातीं। अगर अवकाश मिलता भी है, तो वह आमतौर पर दो से चार दिनों तक सीमित रहता है और अधिकतर त्योहारों या शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार तय किया जाता है।

मध्य भारत और अन्य राज्यों का हाल

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों में ठंड का असर मध्यम रहता है। यहां स्कूल और कॉलेज की छुट्टियां स्थानीय मौसम पर निर्भर करती हैं। कई जिलों में बच्चों की सुविधा के लिए स्कूलों का समय बदल दिया जाता है। जब तापमान काफी गिर जाता है, तभी लंबे अवकाश का फैसला लिया जाता है।

केवीएस स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियों का शेड्यूल

केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) पूरे देश में अपने स्कूलों के लिए एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू करता है। आमतौर पर दिसंबर के आखिर से जनवरी की शुरुआत तक केवीएस स्कूलों में विंटर ब्रेक दिया जाता है। अनुमान है कि इस बार भी लगभग एक सप्ताह का अवकाश मिल सकता है। हालांकि, किसी विशेष क्षेत्र में ज्यादा ठंड पड़ने पर स्थानीय स्तर पर बदलाव संभव है।

पेरेंट्स और छात्रों के लिए जरूरी सलाह

सर्दियों की छुट्टियों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें और अफवाहें फैलती रहती हैं। ऐसे में पेरेंट्स और छात्रों को किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। हमेशा स्कूल, कॉलेज या शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना का ही इंतजार करें। साथ ही ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष:
कुल मिलाकर, स्कूल और कॉलेज की सर्दियों की छुट्टियों का निर्णय मौसम की गंभीरता, बच्चों की सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देशों पर निर्भर करता है। उत्तर भारत में जहां लंबी छुट्टियों की संभावना रहती है, वहीं दक्षिण भारत में स्थिति अलग रहती है। आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ ही विभिन्न राज्यों और जिलों से छुट्टियों को लेकर आधिकारिक घोषणाएं की जाएंगी।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स, पिछले वर्षों के अनुभव और संभावनाओं पर आधारित है। स्कूल और कॉलेज की छुट्टियों की अंतिम तारीखें संबंधित राज्य सरकार, जिला प्रशासन या स्कूल प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश पर ही निर्भर करेंगी। किसी भी निर्णय से पहले अपने स्कूल या शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य जांच लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की त्रुटि या नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

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